मेरा देश बदल रहा है

आज मोदी सरकार के दो साल पूर्ण होने की ख़ुशी में ‘देश बदल रहा है’ का स्वर्णगान पुरे देश भर में रेडियो से, टीवी से, इंटरनेट से, और सोशल मीडिया से किया गया है। सुबह से शाम हो गयी लेकिन ऑफिस में काम होने की वजह से वक़्त नहीं मिल पाया जिससे कि मैं ‘देश बदल रहा’ गीत सुन पाऊँ या फिर देख पाऊँ।
घर आने के बाद मैंने रेडियो चलाई लेकिन हताशा हाथ आई फिर मैंने फेसबुक पर हाथ मारी जिससे कि कुछ तो हाथ आये और कहते ही हैं- जिसका कोई नहीं होता उसका फेसबुक होता है सो इस बार भी फेसबुक ने बड़ी मदद की और मदद होनी भी थी आखिर सारे ‘मोदीवीर’ मतलब ‘देशवीर’ तो वही बैठते हैं।
अब बात करते हैं मुद्दे कि जोकि बहुत ही रोचक है, आखिर हमारे मोदी जी की बात जो है।
मैंने जब ‘देश बदल रहा’ का संगीत और गान सुना तो मुझे ऐसा लगा कि भारतीय जनता पार्टी के PR वालों ने इस बार गाने लिखने वाले को ठीक से बैठ कर समझाया नहीं की ‘भाई, दो साल पुरे होने की ख़ुशी में ये गाना लिखना है न कि सच्ची बातों का जिक्र करना है’।
लेकिन मोदी सरकार की भी सच्चाई की राह पर चलने की कसम गजब है, पूरा का पूरा गाना ही सच्चाई पर आधारित है, Disclaimer की जरुरत नहीं पड़ी न कि यह सब काल्पनिक बातों पर आधारित है या यह वीडियो देखने के बाद आपको यकीन  नहीं होगा कि आप एलियन हो।
‘देखो आसमान में खिल कर सूरज निकल रहा है’
देश का प्रचंभ अब ऊंचा उड़ रहा है
बरसों का अँधेरा अब रौशन हो रहा है
गरीब की रसोई से धुआँ हट रहा है
मेरा देश बदल रहा है, आगे बढ़ रहा है।’

आसमान में सूरज ने 45 डिग्री की गर्मी निकाल रहा है, जिससे कि हर कोई नज़रे झुका कर भगवान् को कोस रहा है। प्याज़ 1 रूपये किलो के हिसाब से बिक रहा है और दाल 200 रुपये किलो के हिसाब से, अनन्दाता या गरीब किसान हर रोज़ मर रहा है, स्वच्छ कर और किसान सेस लगने से सब कुछ बिक रहा है इसीलिए गरीबों के घर से धुआं नहीं निकल रहा है। और
“मेरा देश बदल रहा है, लेकिन कोई रोज़ मर रहा है”।
‘बेटियों को पढ़ा कर परिवार बढ़ रहा है’
गरीब को बिना सहारा कारोबार मिल रहा है
किसान की फसल को बीमा का बल मिल रहा है
मेरा देश बदल रहा है, आगे बढ़ रहा है”।

शिक्षा बजट को कम कर के बेटियों के साथ सेल्फी के लिए मोबाइल फ़ोन की वयव्था की जा रही है, गरीबोंं को बिना सरकार के सहारे अपना दिन देखना पड़ रहा है और बीमा के नाम पर 100 रूपये पकड़ा कर ग्लूकोज का बल दिया जा रहा है और अडानी को लाखों रूपये का क़र्ज़ देकर बल दिया जा रहा है।
‘ “मेरा देश बदल रहा है, लेकिन कोई रोज़ मर रहा है”।

यह सब सुना मैंने उस #TransformingIndia के उस वीडियो में और मुझे नहीं पता और कितने लोगों ने यही सुना।

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